मध्य पूर्व संकट के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम आपूर्ति प्रभावित हो रही है। भारत में भी इसका असर दिख रहा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव है। इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की न्यूनतम खपत करने की अपील की है।प्रधानमंत्री की इस अपील पर कोरबा के अधिकारी भी अमल करते नजर आ रहे हैं। इसकी शुरुआत नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने की है। सुशासन शिविर के अंतर्गत वे डीजल-पेट्रोल वाली गाड़ी छोड़कर ई-बाइक से जोन कार्यालय पहुंचे। आयुक्त को ई-स्कूटर पर देखकर कर्मचारी और आम लोग हैरान रह गए। उन्होंने संदेश दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना होगा। आयुक्त ने कहा कि ईंधन बचाना अब समय की मांग है। पार्षद अशोक चावलानी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनकी पहल का स्वागत किया। पार्षद चावलानी ने कहा कि अधिकारियों की पहल से आम जनता भी प्रेरित होगी। ईंधन बचाना देशहित में एक महत्वपूर्ण कदम है।कोरबा में आयुक्त की इस पहल की काफी चर्चा हो रही है। अब देखना होगा कि कितने अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसका अनुसरण करते हैं। कोरबा में कई विभागों के पास सैकड़ों सरकारी वाहन हैं। यदि अफसर सप्ताह में एक दिन भी ई-वाहन या सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करें। तो हजारों लीटर ईंधन की बचत हो सकती है।आयुक्त पांडेय ने आदतों में बदलाव लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छोटी दूरी के लिए साइकिल या ई-बाइक बेहतर विकल्प हैं। इससे प्रदूषण भी कम होगा और लोगों की सेहत भी सुधरेगी। नगर निगम में भी ई-वाहनों को बढ़ावा देने की योजना पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद कोरबा से शुरू हुई यह पहल महत्वपूर्ण है।