जिले में शुक्रवार को प्रशासन की एक अलग और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। जिलाधिकारी नवीन कुमार के आदेश पर पूरे जिले में नो व्हीकल डे मनाया गया। इसका असर ऐसा रहा कि डीएम से लेकर एसपी, डीडीसी और कई वरीय अधिकारी साइकिल या पैदल अपने-अपने कार्यालय पहुंचे।
पूरे दिन समाहरणालय परिसर वाहन मुक्त नजर आया और परिसर में सिर्फ साइकिलों की आवाजाही दिखी। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे डीएम नवीन कुमार, एसपी राकेश कुमार, डीडीसी श्वेता भारती और एडीएम लोक शिकायत ज्याउर्रहमान साइकिल चलाकर अपने आवास से समाहरणालय पहुंचे। वहीं राजस्व एडीएम आरती सरकारी वाहन छोड़ पैदल कार्यालय पहुंची।
एडीएम आपदा प्रबंधन विजयंत तथा जिला पंचायती राज पदाधिकारी राकेश रंजन ई-रिक्शा से समाहरणालय पहुंचे और वहां से पैदल अपने कार्यालय गए। अनुमंडल पदाधिकारी धनंजय कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता कुंदन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड तथा अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विवेक सुगंध ,विशेष कार्य पदाधिकारी- टू राहुल कुमार, बीडीओ पूरन साह, भी साइकिल से कार्यालय पहुंचे। समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को सभी प्रकार के मोटर वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रही। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा जवान मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों को अंदर जाने से रोकते दिखे। केवल साइकिल से आने वालों को ही परिसर में प्रवेश दिया गया। पोर्टिको में जहां आम दिनों में सरकारी गाड़ियां लगी रहती थीं, वहां इस बार डीएम और एसपी की साइकिलें खड़ी दिखीं। सबसे खास बात यह रही कि समाहरणालय से करीब तीन किमी दूर संसारपुर स्थित सरकारी आवास से डीएम, एसपी और एडीएम लोक शिकायत साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे। डीएम नवीन कुमार ने कहा कि नो व्हीकल डे का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन वाहन का कम उपयोग करने से प्रदूषण घटेगा और लोगों में सादगी व जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ेगी। एसपी राकेश कुमार ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जागरूकता सबसे जरूरी है। नो व्हीकल डे उसी दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी खुद साइकिल और पैदल चलकर लोगों को संदेश देंगे तो इसका अच्छा असर समाज पर पड़ेगा।
