दिव्य न्यूज़ 18:-बिना तैयारी के आबकारी विभाग द्वारा प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेचने के निर्णय से प्रदेश के सभी जिलों में शराब की सप्लाई चेन बाधित हो गई है।
बीते 15 दिनों में विभाग को देसी और अंग्रेजी की चीप रेंज (किफायती श्रेणी) की शराब से करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। किसी भी जिले में मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके चलते अंग्रेजी की महंगी शराब और बीयर की मांग में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रदेश की डिस्टिलरियों से बिलासपुर समेत प्रदेश भर की करीब 800 दुकानों में शराब की सप्लाई होती है। 1 अप्रैल से पीईटी यानी पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट प्लास्टिक बोतलों में बॉटलिंग का आदेश आने के बाद डिस्टिलर्स और बॉटलर्स में खलबली मच गई।
कांच की बोतलों में बॉटलिंग करने वाले कुछ पक्ष कोर्ट चले गए, वहीं अचानक बड़े पैमाने पर प्लास्टिक बोतलों की व्यवस्था करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया। इसके बाद आनन-फानन में विभाग को 31 मई तक फिर से कांच की बोतलों में बॉटलिंग का आदेश जारी करना पड़ा।