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,,,,,,,दिव्या न्यूज़ :-प्रदेश में अच्छी बारिश का असर अब बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। बिलासपुर का खारंग, महासमुंद का कोडार और मुंगेली का मनियारी बांध पूरी तरह से लबालब हो गया है। वहीं, कोरबा जिले के बांगों बांध में भी क्षमता का 91 प्रतिशत जलभराव हो गया है।मध्यम बांधों में रायगढ़ का पुटका नाला, कोरिया का झुमका, राजनांदगांव का मटियामोती, बिलासपुर का गोहना भी लबालब हो चुका है। वहीं, बस्तर का कोस्टर्ड, बलौदाबाजार का बल्लार, रायगढ़ का केदार नाला भी छलकने के करीब पहुंच चुके हैं। इन बांधों में क्षमता का 99 प्रतिशत से अधिक जलभराव हो चुका है।
12 बड़े और 34 मध्यम बांध
कई जिलों में बांधों से जल छोड़ने की स्थिति निर्मित होने लगी है। राज्य के 46 बांधों में जलभराव का स्तर 85.97 प्रतिशत पहुंच गया है। इनमें 12 बड़े और 34 मध्यम बांध शामिल हैं। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
पिछले साल से ज्यादा पानी
विगत वर्ष की समान अवधि में बांधों में 73.41 प्रतिशत और वर्ष 2024 में 80.09 प्रतिशत जलभराव था। इस लिहाज से इस वर्ष जलभराव करीब 12.56 प्रतिशत अधिक है। बांधों में जलभराव से खरीफ फसलों की सिंचाई के साथ आगामी महीनों में पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है।
बाढ़ से निपटने की तैयारियों का 20 को होगा परीक्षण
प्रदेश में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से 18 अगस्त को टेबल-टाप एक्सरसाइज (बैठकर पूरी कार्रवाई का रिहर्सल) और 20 अगस्त को माक ड्रिल किया जाएगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के अधिकारियों को टेबल-टाप एक्सरसाइज की प्रक्रिया को समझने के निर्देश दिए है। माक ड्रिल में स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पशुपालन विभाग की तैयारियों का परीक्षण होगा। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सा सुविधा, सुरक्षित पेयजल, सड़क-पुलों की स्थिति, जलस्तर की निगरानी और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी जांची जाएगी।

