दिव्य न्यूज़ 18:-आमतौर पर एक अच्छा सोलर पैनल 25 से 30 साल तक आसानी से काम कर सकता है. कई कंपनियां अपने पैनलों पर 25 साल तक की परफॉर्मेंस वारंटी भी देती हैं.
-
सोलर पैनल की
औसत लाइफ 25 से 30 साल होती है।
-
समय के साथ पैनल की बिजली बनाने की क्षमता घटती है।
-
डिग्रेडेशन रेट प्रति वर्ष लगभग 0.5% होता है।
-
गुणवत्ता, वारंटी, बिल्ड क्वालिटी देखकर पैनल खरीदें।बिजली के बढ़ते बिल और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच अब लोग तेजी से सोलर एनर्जी की तरफ रुख कर रहे हैं. घरों की छतों से लेकर बड़े उद्योगों तक, हर जगह सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं. लेकिन सोलर सिस्टम लगवाने से पहले लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर सोलर पैनल कितने साल तक चलते हैं और क्या इनकी भी कोई एक्सपायरी डेट होती है?असल में सोलर पैनल कोई ऐसी चीज नहीं है जो अचानक एक तय तारीख के बाद बंद हो जाए. इसकी उम्र धीरे-धीरे कम होती है और समय के साथ इसकी बिजली बनाने की क्षमता घटने लगती है. यही कारण है कि इसकी लाइफ को परफॉर्मेंस के आधार पर मापा जाता है.
कितनी होती है सोलर पैनल की औसत लाइफ?

आमतौर पर एक अच्छा सोलर पैनल 25 से 30 साल तक आसानी से काम कर सकता है. कई कंपनियां अपने पैनलों पर 25 साल तक की परफॉर्मेंस वारंटी भी देती हैं. इसका मतलब यह नहीं होता कि 25 साल बाद पैनल पूरी तरह खराब हो जाएगा बल्कि इसका अर्थ यह है कि इतने समय बाद उसकी बिजली बनाने की क्षमता पहले से कम हो सकती है.विज्ञापन :-एक्सपर्ट

उदाहरण के तौर पर, अगर कोई नया पैनल शुरुआत में 100% क्षमता से बिजली बना रहा है तो 25 साल बाद वही पैनल लगभग 75 से 85% क्षमता तक काम कर सकता है यानी वह बिजली बनाना बंद नहीं करता बल्कि उसकी दक्षता धीरे-धीरे घटती जाती है.
कैसे तय होती है एक्सपायरी डेट?
सोलर पैनल की एक्सपायरी किसी खाने-पीने की चीज की तरह नहीं होती. इसकी उम्र कई तकनीकी चीजों पर निर्भर करती है. कंपनियां पैनल की क्वालिटी, इस्तेमाल किया गया मटेरियल, मौसम और परफॉर्मेंस टेस्ट के आधार पर इसकी अनुमानित लाइफ तय करती हैं.
हर साल सोलर पैनल की क्षमता थोड़ी कम होती है जिसे
डिग्रेडेशन रेट कहा जाता है. ज्यादातर अच्छे पैनलों में यह दर लगभग 0.5% प्रति वर्ष होती है. यानी हर साल पैनल की बिजली उत्पादन क्षमता थोड़ा-थोड़ा घटती रहती है.
अगर किसी इलाके में बहुत ज्यादा गर्मी, धूल, बारिश या तूफान आते हैं तो इसका असर पैनल की उम्र पर भी पड़ सकता है. वहीं सही इंस्टॉलेशन और नियमित सफाई से इसकी लाइफ काफी बढ़ाई जा सकती है.
क्या 30 साल बाद पैनल बेकार हो जाता है?
ऐसा बिल्कुल नहीं है. कई सोलर पैनल 30 साल के बाद भी काम करते रहते हैं. हालांकि उनकी क्षमता पहले जैसी नहीं रहती लेकिन वे फिर भी उपयोगी मात्रा में बिजली बना सकते हैं. कई पुराने पैनल आज भी छोटे घरों, फार्महाउस और ग्रामीण इलाकों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
दरअसल, सोलर पैनल की असली ताकत उसकी लंबी उम्र और कम रखरखाव में छिपी होती है. एक बार सही तरीके से लगाने के बाद यह सालों तक बिजली बचाने में मदद करता है.
सोलर पैनल खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
अगर आप सोलर पैनल लगवाने की सोच रहे हैं तो सिर्फ कीमत देखकर फैसला न करें. अच्छी कंपनी का पैनल, लंबी वारंटी, कम डिग्रेडेशन रेट और मजबूत बिल्ड क्वालिटी बेहद जरूरी होती है. सही चुनाव करने पर सोलर पैनल दशकों तक आपके बिजली खर्च को कम कर सकता है.सारी जानकारी के लिए संपर्क करे संतोष सिंह 9589496907 पर संपर्क करके जानकारी लें सकते है |

