भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बदलाव किया है। अब शिक्षकों की हाजिरी अंकों का जोड़-घटाव का सही जवाब दिए बिना दर्ज ही नहीं होगी। गणितीय ज्ञान से सही जवाब देने पर ही मास्साब की उपस्थिति दर्ज हो पाएगी।दरअसल विभाग ने सर्वर पर एक साथ पड़ने वाले अत्यधिक लोड को कम करने के लिए ऐप में सत्यापन का सुरक्षा चक्र यानी कैप्चा जोड़ा है। अब अटेंडेंस मार्क करते समय पूछा जाएगा 68 – 15 = ?। अगर शिक्षक ने सही उत्तर 53 दर्ज नहीं किया तो ऐप आगे बढ़ने की अनुमति नहीं देगा।
शिक्षकों को 15 मिनट का ग्रेस टाइम
इसमें समय लग सकता है, इसके लिए हाजिरी मार्क करने के लिए शिक्षकों को 15 मिनट का ग्रेस टाइम दिया गया है। विभाग का कहना है कि कैप्चा दर्ज करने में लगने वाले अलग-अलग समय के कारण शिक्षकों की हाजिरी एक ही क्षण में सर्वर पर दर्ज नहीं होगी। इससे सर्वर पर अचानक बढ़ने वाले लोड को कम करने में मदद मिलेगी।
कैप्चा भरने के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा
विभाग ने शिक्षकों को कैप्चा भरने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया है। शिक्षकों को सुबह 10.30 बजे लॉगिन और शाम 4.15 बजे लॉगआउट करने पर 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसके अलावा कैप्चा प्रक्रिया में देरी होने पर शिक्षक या प्राचार्य को ऐप पर सूचना भेजी जाएगी।
लॉगआउट के समय क्रैश हुआ था सर्वर
प्रदेश में करीब साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षक और अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस दर्ज करते हैं। बीते दिनों करीब पौने दो लाख शिक्षकों के एक साथ ऐप से लॉगआउट करने के कारण सर्वर ठप होने की समस्या सामने आई थी। इसके चलते शिक्षकों को तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ा था।आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय
