दिव्या न्यूज़ :-कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड स्थित सरभोका आश्रम शाला के शिक्षक का शराब के नशे में घूमते हुए वीडियो वायरल होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक की लापरवाही से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। डीईओ तामेश्वर उपाध्याय ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरभोका स्थित आश्रम शाला के एक शिक्षक का कथित रूप से शराब के नशे में गांव में घूमते हुए वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्रम शाला में पदस्थ शिक्षक राजेश कुमार बंजारे शाला समय के दौरान शराब के नशे में रहते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई और आश्रम शाला की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।’ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक को कथित रूप से नशे की हालत में देखकर इसकी सूचना तत्काल ग्राम सरपंच को दी गई। सरपंच ने बताया कि इस संबंध में कुछ दिन पहले विकासखंड शिक्षा अधिकारी से लिखित और मौखिक शिकायत की गई थी। शिकायत मिलने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी स्वयं सरभोका आश्रम शाला का निरीक्षण करने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम शाला में करीब 130 से 135 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि यहां केवल तीन शिक्षक पदस्थ हैं। आरोप है कि इनमें से दो शिक्षक अक्सर शराब के नशे में रहते हैं और नियमित रूप से अनुपस्थित भी रहते हैं। शिक्षकों की अनुपस्थिति और कथित लापरवाही से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे लेकर अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है।ग्रामीणों ने दावा किया कि संबंधित शिक्षकों का रवैया पिछले 13 से 14 वर्षों से इसी तरह बना हुआ है। उनका आरोप है कि इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय ने बताया कि मामले की जानकारी उन तक नहीं पहुंची है। खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेकर इसकी जांच की जाएगी।
दो शिक्षकों पर नियमित नशे में रहने का आरोप: ग्रामीणों का दावा है कि 3 में से 2 शिक्षक अक्सर शराब के नशे में रहते हैं और बिना सूचना अनुपस्थित रहते हैं। यह ढर्रा पिछले 13-14 वर्षों से बना हुआ है।
बीईओ के निरीक्षण का भी असर नहीं: सरपंच ने बताया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी BEO से लिखित व मौखिक शिकायत के बाद उन्होंने निरीक्षण भी किया था, लेकिन शिक्षकों की मनमानी जारी रहीडीईओ ने जांच की कही बात: मामले में जिला शिक्षा अधिकारी DEO तामेश्वर उपाध्याय ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मंगाकर जांच कराई जाएगी और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

