गुड़हल में ढेरों फूल उगाने के लिए क्या करें? माली ने बताया एक फ्री का घोल, हफ्ते में दो बार डालने से मिलेगा फायदा
दिव्य न्यूज़ 18:-अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि गुड़हल के पौधे में पत्तियां हरी-भरी हैं, लेकिन कलियां नहीं आ रहीं या आते ही झड़ जाती हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो आपको महंगे केमिकल फर्टिलाइजर की जरूरत नहीं है। आपके किचन में मौजूद चायपत्ती एक जादुई खाद का काम कर सकती है गुड़हल का पौधा अपनी खूबसूरती और औषधीय गुणों के कारण हर बगीचे की पहली पसंद होता है, लेकिन अक्सर पोषक तत्वों की कमी के कारण इसमें फूल आना कम हो जाते हैं। अगर आपका पौधा भी फूलों के बजाय केवल पत्तियां दे रहा है, तो महंगे फर्टिलाइजर के बजाय घरेलू नुस्खे अपनाना सबसे बेहतर है।अनुभवी मालियों के अनुसार, किचन में मौजूद चायपत्ती गुड़हल के लिए किसी अमृत से कम नहीं है।
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इसमें मौजूद नाइट्रोजन और टैनिक एसिड मिट्टी को उपजाऊ और अम्लीय बनाते हैं, जो गुड़हल की ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है। एक चम्मच चायपत्ती का यह ‘फ्री का घोल’ हफ्ते में मात्र दो बार इस्तेमाल करने से न केवल कलियों का झड़ना रुकता है, बल्कि पौधा ढेरों बड़े और चमकदार फूलों से लद जाता है।गुड़हल एक ऐसा पौधा है जिसे एसिडिक मिट्टी पसंद है। चायपत्ती में टैनिक एसिड होता है, जो मिट्टी के pH स्तर को कम करके उसे गुड़हल के अनुकूल बनाता है। इसके अलावा, चायपत्ती में नाइट्रोजन भरपूर मात्रा में होता है, जो पौधे की नई शाखाओं और चमकदार हरी पत्तियों की ग्रोथ लिए जरूरी है। जब मिट्टी सही तरीके से अम्लीय होती है, तभी पौधा अन्य पोषक तत्वों को सोख पाता है।