दिव्य न्यूज़ 18:-रंका,कहने को तो यह रंका अनुमंडल मुख्यालय है। यहां से नेशनल हाईवे 343 भी गुजरा हुआ है। वहीं झारखंड तथा छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह प्रमुख सड़क भी है। जिस पर 24 घंटे में 3 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन यहां होता है। रंका अनुमंडल मुख्यालय से गुजरने वाले बस से झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित बड़े-बड़े राज्यों में जाते हैं।
यह सड़क इतनी व्यस्त है की रात-दिन 24 घंटे इस सड़क से वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन सबसे बड़ी विडंबना है कि देश की आजादी के इतने
वर्षों के बीतने के बाद भी रंका अनुमंडल को एक अदद बस और टैक्सी स्टैंड आज तक नसीब नहीं हुआ। जिसके वजह से यहां रंका बाजार के मुख्य पथ पर ही छोटे-बड़े यात्री वाहनों का ठहराव होता है और यहीं पर यात्री बसों पर चढ़ते उतरते हैं। अक्सर बीच सड़क पर ही सवारी उतारे व चढ़ाए जाते हैं। इस संदर्भ में अनुमंडल पदाधिकारी रुद्र प्रताप ने कहा कि रंका में बस और टैक्सी स्टैंड होना बेहद जरूरी है। इन दोनों के नहीं रहने से यहां जाम की स्थिति बनी रहती है और दुर्घटनाएं भी होती है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को उपायुक्त गढ़वा के समक्ष रखा जाएगा और कोशिश किया जाएगा कि जल्द से जल्द यहां बस और टैक्सी स्टैंड बन सके। बस स्टैंड नहीं रहने से परेशानी सुरक्षा का खतरा: सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतज़ार करना पड़ता है। तेज़ गाड़ियों से दुर्घटना का डर रहता है। धूप-बारिश में दिक्कत: बैठने की जगह नहीं, शेड नहीं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे धूप-बारिश में घंटों खड़े रहते हैं। बस और टैक्सी स्टैंड के नहीं होने से यहां लोगों को काफी परेशानी हो रही है। साथ ही काफी दुर्घटनाएं भी यहां घट रहे हैं। लेकिन इस और किसी का ध्यान नहीं है। रंका में बस और टैक्सी स्टैंड अगर अलग-अलग जगह पर बना दिया जाए, तो एक तरफ जहां शहर का विस्तार होगा। वहीं दूसरी तरफ काफी लोगों को रोजगार भी मिलेगा। लेकिन यहां पर बाजार, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड और दुकान सब एक ही जगह पर है। जिसके वजह से यहां के लोग जाम से जूझ रहे हैं। अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस ओर ठोस पहल नहीं की है।
बस स्टैंड बनाने के लिए करेंगे पहल : एसडीओ
रोड जाम से लोग हैं परेशान