बीमा कंपनी या एजेंट द्वारा पॉलिसी में धोखा (मिस-सेलिंग या फ्रॉड) होने पर सबसे पहले आपको संबंधित बीमा कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी (जीआरओ) के पास लिखित शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
बीमा धोखे के मुख्य प्रकार
- गलत बिक्री (Miss-selling): अधिक रिटर्न या झूठे वादे3 बताकर गलत पॉलिसी बेचना। [1]
- फर्जी फोन कॉल: खुद को बीमा अधिकारी बताकर बोनस या लैप्स पॉलिसी चालू करने के नाम पर ठगी करना। [1]
- डार्क पैटर्न: ऑनलाइन पोर्टल पर छिपे हुए शुल्कों या अनचाहे ऐड-ऑन को जोड़ना।
शिकायत करने की प्रक्रिया
- कंपनी से संपर्क करें: पॉलिसी के दस्तावेज में दिए गए ग्रीवांस सेल (Grievance Redressal Officer) को ईमेल या पत्र भेजकर पावती (Acknowledgment) लें। [1]
- इरडा (IRDAI) से गुहार: यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब न मिले, तो आप बीमा नियामक IRDAI की आधिकारिक वेबसाइट (बीमा भरोसा पोर्टल) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। [1]
- बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman): समाधान न होने पर अपने क्षेत्र के बीमा लोकपाल कार्यालय में अपील कर सकते हैं।
