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दिव्या न्यूज़ :-लगातार बारिश और बांध में पानी की तेज आवक के कारण मिनीमाता हसदेव बांगो बांध के कुल नौ गेट खोल दिए गए हैं। सभी गेट मिलाकर 6.00 मीटर तक खोले गए हैं। जल संसाधन विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डिस्चार्ज बढ़ाया है। बांध से 41 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अभी बांध में 16,700 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इसके विरुद्ध बांध के गेटों से 32,080 क्यूसेक और जल विद्युत संयंत्र से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस प्रकार बांध से कुल 41,080 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।93.65 फीसदी भर चुका बांध, जलस्तर सात सेंटीमीटर नीचे आया
वर्तमान में बांध का जलस्तर 358.60 मीटर है, जो कुल भराव क्षमता का 93.65 प्रतिशत है। पिछले सात घंटों में जलस्तर सात सेंटीमीटर नीचे आया है। विभाग के अनुसार, जब जलस्तर 358.32 मीटर यानी 92 प्रतिशत तक आ जाएगा, तब गेटों को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद बांध में आने वाले अतिरिक्त पानी को केवल जल विद्युत संयंत्र के माध्यम से ही निकाला जाएगा।हसदेव नदी उफान पर, सीतामणी के दस घरों में घुसा पानी
बांगो बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटीय इलाकों में दहशत है। सबसे अधिक असर निचले सीतामणी क्षेत्र में देखा जा रहा है, जहां हसदेव नदी का पानी करीब आठ से दस घरों में घुस गया है।घरों में घुसा पानी, अनाज और खाद्य सामग्री बही
सीतामणी निवासी साधना चौहान ने बताया कि गेट खोले जाने से कुछ समय पहले ही सूचना मिली थी, लेकिन अचानक पानी घरों में भर गया। इससे घर का सारा अनाज और खाद्य सामग्री पानी में बह गई। अचानक आई बाढ़ के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन या रेस्ट हाउस में ठहराने की मांग की
स्थानीय ग्रामीण भोजराम ने कहा कि नदी से सटे लगभग दस घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को रहने के लिए सामुदायिक भवन या रेस्ट हाउस उपलब्ध कराया जाए।बढ़ते पानी के बीच सुरक्षित जगहों पर जा रहे लोग
बढ़ते पानी को देखते हुए लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। तटीय गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गई है। मौसम और पानी की आवक को देखते हुए अगले कुछ घंटों तक डिस्चार्ज जारी रह सकता है। स्थिति सामान्य होते ही राहत और बचाव कार्य तेज किया जाएगा।

