एसईसीएल मानिकपुर खदान में कोयला चोरी, स्कूटी-साइकिल से हो रही तस्करी, प्रबंधन और पुलिस अनजान
दिव्या न्यूज़ :-कोरबा जिले की एसईसीएल मानिकपुर खदान क्षेत्र में बरसात के मौसम में भी कोयला चोरी का खेल बेखौफ जारी है।कोरबा जिले की एसईसीएल मानिकपुर खदान क्षेत्र में बरसात के मौसम में भी कोयला चोरी का खेल बेखौफ जारी है। देर रात कोयला तस्कर जान जोखिम में डालकर स्कूटी और साइकिलों में कोयला भरकर चोरी की घटना को अंजाम दे रहे हैं।
Related Posts
Contact Us
Divya News 18
Mobile. 9670560782
Email : divyanews18@gmail.com
Disclaimer
पोर्टल पर समाचार भेजने हेतु अवैतनिक और स्वैच्छिक सेवा प्रदा करने वाले संवादाता हमारे न्यूज़ पोर्टल के मेरुदंड है। पोर्टल पर प्रकाशित समाचारों, विचारों तथा आलेखों से संपादक मंडल का सहमत होना जरुरी नहीं है। प्रकाशित तमाम तथ्थों की पूरी जिम्मेदारी संवाददाता एवं लेखकों तथा विश्लेषकों की होगी।
© 2026DIVYA NEWS 18. Designed by Nimble Technology.


कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रबंधन और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार हर रात मानिकपुर खदान के आसपास कोयला चोरों का जमावड़ा लगता है। बरसात में फिसलन भरे रास्तों और गड्ढों के बावजूद तस्कर कोयला निकालकर उसे स्कूटी, साइकिल और अन्य छोटे वाहनों में भरकर ले जाते हैं।
सोशल मीडिया पर कोयला चोरी का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लोग अंधेरे में कोयला बीनकर ले जा रहे हैं।सूत्रों की माने टबचोरी का कोयला आसपास के होटल, ढाबा, फैक्ट्रियों और ईंट भट्ठों में बड़े पैमाने पर खपाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग चोरी का कोयला पहले फैक्ट्री परिसर में जमा करते हैं। इसके बाद वहां से बड़ी गाड़ियों में लोड कर आगे तस्करी की जाती है।
मामले को लेकर कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि मीडिया के माध्यम से यह मामला संज्ञान में आया है। क्षेत्र में गश्त बढ़ाकर निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी।वहीं एसईसीएल प्रबंधन की ओर से _पीआरओ सनिस चंद्रा_ ने बताया कि आपके जरिए यह विषय संज्ञान में लाया गया है। हम क्षेत्रीय प्रबंधन से वस्तुस्थिति की जानकारी ले रहे हैं। आवश्यक होने पर प्रबंधन द्वारा स्थानीय पुलिस से भी सहयोग लिया जाएगा। मानिकपुर खदान में कोयला चोरी कोई नई बात नहीं है। बरसात के दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और कमजोर हो जाती है, जिसका फायदा तस्कर उठा रहे हैं। जान जोखिम में डालकर हो रही इस चोरी से न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कोयला चोरी का यह खेल रुकने वाला नहीं है।