दिव्या न्यूज़ :-कोरबा: कोरबा की एक विशेष अदालत ने गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले एक ट्यूशन शिक्षक को उसके किए की कड़े शब्दों में सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट – पॉक्सो) सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने नाबालिग छात्रा के साथ मर्यादहीन कृत्य करने वाले आरोपी शिक्षक नरेंद्र कुमार को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम (कठोर) कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
साजिश के तहत वारदात को दिया था अंजाम
मामले की पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोकुल नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का है। मूल रूप से बिहार के मोतिहारी (जीहुली) का निवासी आरोपी नरेंद्र कुमार उर्फ नरेंद्र शर्मा उर्फ नागेंद्र यहां अपने किराए के मकान में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था।घटना 27 अक्टूबर 2025 की शाम करीब 4:30 बजे की है, जब पीड़िता रोज की तरह ट्यूशन पढ़ने आरोपी के घर पहुंची थी। आरोपी शिक्षक ने पहले से ही मन में दुर्भावना पाल रखी थी।उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत बहाना बनाकर वहां मौजूद अन्य बच्चों को वापस घर भेज दिया। जब पीड़िता कमरे में अकेली रह गई, तो आरोपी ने गुरु की मर्यादा को ताक पर रखकर उसके साथ जबरदस्ती और छेड़छाड़ शुरू कर दी।
मां को बताई आपबीती
पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह खुद को आरोपी के चंगुल से छुड़ाकर अपने घर पहुंची। उसने रोते हुए अपनी मां को आपबीती बताई, जिसके बाद परिजनों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अदालत ने माना गंभीर श्रेणी का अपराध
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने भौतिक साक्ष्य, चिकित्सीय रिपोर्ट और गवाह पेश किए। अदालत ने पाया कि आरोपी का कृत्य बच्चों के संरक्षण अधिनियम के खिलाफ और अत्यंत गंभीर श्रेणी का है। न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने आरोपी नरेंद्र कुमार को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास के साथ 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न पटाने की स्थिति में दोषी को 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
