दिव्य न्यूज़ 18:-आप दूध का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन नुकसान और अधिक खर्च की चिंता आपको रोक रही है, तो देसी नस्ल की गायें आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं. जिले के माधोपुर स्थित देसी गो वंश संरक्षण एवं संवर्धन केंद्र के वरिष्ठ पशु वैज्ञानिक डॉ. रंजन के अनुसार गिर, साहीवाल, थारपारकर और लाल सिंधी जैसी नस्लें कम देखभाल और कम खुराक में भी प्रतिदिन 8 से 10 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती हैं. इन नस्लों में मौसमी बीमारियों का खतरा अपेक्षाकृत कम होता है और इनके दूध की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है, जिससे डेयरी व्यवसाय को सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सकता है.
