
दिव्या न्यूज़ 18:- धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर कोरबा में 230 करोड़ का हुआ कारोबार| लेकिन सच्चाई यह है की बड़े-बड़े लोग कार में आकर मैडम सर गरीब व्यवसाय लोगों से दिया बेचने वालों से मोल भाव करते नजर आए| लेकिन यही लोग ज्वेलरी शॉप फर्नीचर दुकान बर्तन दुकान एवं इलेक्ट्रॉनिक दुकान मैं कोई भी मोलभाव करते नजर नहीं आया | मोल भाव करते अगर नजर आए हैं तो सिर्फ गरीब तबके के लोगों से कोई दिया बेचने वाले से मोल भाव कर रहा था |कोई गेंदा फूल बेचने वाले से मोल भाव करते नजर आया| लेकिन यह जो लोग हैं हमारे शिक्षित लोग बड़े-बड़े लोग यह कभी ना फर्नीचर दुकान में मोलभाव किया ना ज्वेलरी दुकान में ना ही बड़े-बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की दुकान में यह कभी मोल भाव नहीं करते हैं | इलेक्ट्रॉनिक दुकान में मोल भाव करते नजर नहीं आए| दीपावली जो की दीयों का त्यौहार है| परंपरा के अनुसार श्री राम 14 वर्ष के वनवास काटकर अपने राज्य अयोध्या पहुंचे थे | परंपरा के अनुसार अयोध्या पहुंचने पर अयोध्यावासी उनके स्वागत में पूरी अयोध्या को दीप प्रज्वलित कर उनका स्वागत किया गया था| इस परंपरा का निर्वहन करते हुए हिंदू परंपरा के अनुसार दीपावली का उत्सव मनाया जाता है| लेकिन विडंबना यह है कि उक्त दीपावली का पर्व सिर्फ पैसे वालों का रह गया है| जो की सिर्फ दिखाने के लिए दो-चार घर के मुख्य द्वार पर दिया रख दिया जाता है| यहां की जो गृहणी हैं बड़े घर की गृहड़ी इनको दीये जलाने तेल डालना जो डालने में भी उनको मेहनत लगती है|अभी के समय मे आधुनिक दीपावली बनाई जा रही है बाकी पूरे घर को इलेक्ट्रॉनिक लाइट के द्वारा सजा दिया जाता है| इस तरह दीपावली का उत्सव मनाया जाता है| जबकि परंपरा के अनुसार सिर्फ दियो का त्यौहार है दीपावली दीपावली का असली शब्द दियो का त्यौहार है| इस बारे में हमारे पूर्व पार्षद जी का वीडियो में डाल रहा हूं| मनहरण भैया कुछ दीपावली के बारे में बोलना चाह रहे हैं|
