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दिव्य न्यूज़ 18:-कोरबा में रविवार को चिलचिलाती गर्मी और तपती धूप से इंसानों के साथ बेजुबान जानवर भी बेहाल हैं। पानी और भोजन की तलाश में वन्यजीव अब शहर की ओर रुख कर रहे हैं।कोरबा में रविवार को चिलचिलाती गर्मी और तपती धूप से इंसानों के साथ बेजुबान जानवर भी बेहाल हैं। पानी और भोजन की तलाश में वन्यजीव अब शहर की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसा ही मामला को खरमोरा क्षेत्र में सामने आया, जहां एक वयस्क बंदर पानी-भोजन के लिए घर में घुस गया। तभी कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह बंदर को बचाया। सूचना पर पहुंची वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम और वन विभाग ने बंदर को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ दिया।खरमोरा निवासी दीप माला महिला के घर शुक्रवार दोपहर एक वयस्क बंदर पानी की तलाश में पहुंच गया।
प्यास से व्याकुल बंदर को देखते ही मोहल्ले के कुत्तों ने घेर लिया और हमला कर दिया। शोर सुनकर घर के लोग बाहर निकले और कुत्तों को भगाकर बंदर की जान बचाई। डरा-सहमा बंदर घर के एक कोने में जाकर दुबक गया।दीप माला ने तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सारथी ने टीम भेजने की बात कही और डीएफओ प्रेमलता यादव को अवगत कराया। इसके बाद वन विभाग की टीम के साथ बबलू मारवा एवं राजू बर्मन मौके पर पहुंचे। बड़ी सावधानी से बंदर का रेस्क्यू किया गया। गर्मी से राहत देने के लिए उसे पानी से नहलाया गया, ताकि शरीर का तापमान कम हो सके। पूरी तरह स्वस्थ होने पर बंदर को जंगल में छोड़ दिया गया।जितेंद्र सारथी ने बताया कि तापमान बढ़ने से जंगल में पानी के स्रोत सूख रहे हैं। इसी कारण बंदर, हिरण समेत अन्य वन्यजीव भोजन-पानी के लिए रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। कई बार करंट लगने या कुत्तों के हमले से वे जख्मी हो जाते हैं।सारथी ने आम लोगों से अपील की है कि गर्मी में वन्यजीव घरों की ओर आएं तो घबराएं नहीं, तुरंत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। समय पर रेस्क्यू से उनकी जान बचाई जा सकती है। साथ ही उन्होंने लोगों से छतों पर पानी का पतीला रखने का आग्रह किया, ताकि पक्षियों को पीने का पानी मिल सके।
-भोजन की तलाश में घर में घुसा बंदर, कुत्तों के हमले से घिरा, रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
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प्यास से व्याकुल बंदर को देखते ही मोहल्ले के कुत्तों ने घेर लिया और हमला कर दिया। शोर सुनकर घर के लोग बाहर निकले और कुत्तों को भगाकर बंदर की जान बचाई। डरा-सहमा बंदर घर के एक कोने में जाकर दुबक गया।दीप माला ने तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सारथी ने टीम भेजने की बात कही और डीएफओ प्रेमलता यादव को अवगत कराया। इसके बाद वन विभाग की टीम के साथ बबलू मारवा एवं राजू बर्मन मौके पर पहुंचे। बड़ी सावधानी से बंदर का रेस्क्यू किया गया। गर्मी से राहत देने के लिए उसे पानी से नहलाया गया, ताकि शरीर का तापमान कम हो सके। पूरी तरह स्वस्थ होने पर बंदर को जंगल में छोड़ दिया गया।जितेंद्र सारथी ने बताया कि तापमान बढ़ने से जंगल में पानी के स्रोत सूख रहे हैं। इसी कारण बंदर, हिरण समेत अन्य वन्यजीव भोजन-पानी के लिए रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। कई बार करंट लगने या कुत्तों के हमले से वे जख्मी हो जाते हैं।सारथी ने आम लोगों से अपील की है कि गर्मी में वन्यजीव घरों की ओर आएं तो घबराएं नहीं, तुरंत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। समय पर रेस्क्यू से उनकी जान बचाई जा सकती है। साथ ही उन्होंने लोगों से छतों पर पानी का पतीला रखने का आग्रह किया, ताकि पक्षियों को पीने का पानी मिल सके।