सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान के तहत सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने चोरी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 60 हजार रुपये नकद और करीब 8.2 ग्राम वजन का सोने का मंगलसूत्र बरामद किया है। इस मामले में चोरी के जेवर गलाकर बेचने वाला एक सुनार अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। मामला 14 मार्च 2026 को शुरू हुआ, जब एलआईजी-121 एमपी नगर कोरबा निवासी शिक्षिका सुनीता डोंगरे ने अपने घर से सोने के जेवर गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 28 मार्च 2026 को देखने पर जेवर गायब मिले थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये थी। चोरी हुए सामान में नेकलेस, मंगलसूत्र, कान के झुमके और अंगूठी शामिल थे। रिपोर्ट के आधार पर थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को संदेह के आधार पर 19 वर्षीय ऋषिकेश डोंगरे उर्फ ऋषि को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने 44 वर्षीय साथी रामहरी गिड्डे के माध्यम से जेवर एक सुनार को बेच दिए थे। ऋषिकेश डोंगरे, जो रायपुर में बी फार्मेसी का छात्र है, ने नशे की लत और अय्याशी पूरी करने के लिए अपने ही घर में चोरी की साजिश रची थी। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
बरामदगी और फरार आरोपी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 60 हजार रुपये नकद और एक सोने का मंगलसूत्र बरामद किया है। आरोपियों ने बताया कि बाकी रकम उन्होंने खर्च कर दी है। इस प्रकरण में शामिल वह सुनार अभी भी फरार है, जिसने चोरी के जेवर पिघलाकर बेचे थे। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई है। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की जांच कार्रवाई की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई और न्यायिक हिरासत
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें 16 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस ने इस अभियान के तहत महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। फरार सुनार की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

