विज्ञापन,,,,,,
दिव्या न्यूज़ :-कोरबा जिले में राखड़ बांध के लिए जमीन देने वाले प्रभावित परिवारों का लंबे समय से चला आ रहा रोजगार का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। नियमित नौकरी की मांग को लेकर प्रभावित ग्रामीण शुक्रवार को राखड़ डैम पंडोपानी पहुंचे और कामकाज बंद कराते हुए धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के करीब 15 साल बाद भी उन्हें घोषित वादे के मुताबिक नियमित रोजगार नहीं मिल सका है।ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2007 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह, कोरबा पूर्व के राखड़ बांध के निर्माण के लिए उनकी पैतृक जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद 29 नवंबर 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 308 प्रभावित परिवारों के एक-एक पात्र सदस्य को CSPGCL में नियमित पद पर नियुक्ति देने की बात कही गई थी।प्रभावितों का कहना है कि इस संबंध में संचालक मंडल से भी स्वीकृति मिली थी। इसके बावजूद अब तक सभी परिवारों को नियमित नौकरी नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि 308 प्रभावित परिवारों में से आधे से अधिक को ही रोजगार मिल पाया है, जबकि बाकी परिवारों को नियमित नियुक्ति के बजाय तीन साल की संविदा पर नौकरी देने की बात कही जा रही है।उनके मुताबिक संविदा में हर वर्ष अनुबंध के नवीनीकरण की शर्त है और तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद नियमित नियुक्ति की कोई गारंटी नहीं है। प्रभावित परिवार इसे वर्ष 2010 में किए गए रोजगार संबंधी वादे के विपरीत बता रहे हैं। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2007 में अधिग्रहित की गई जमीन उनके परिवारों की आय का प्रमुख साधन थी। भूमि चले जाने के बाद उन्हें रोजगार के रूप में स्थायी सहारा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई।प्रभावित परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए 7 अगस्त से राखड़ डैम पंडोपानी में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी थी। निर्धारित तारीख पर ग्रामीण बड़ी संख्या में डैम पहुंचे और काम बंद कराते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों में कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए और बैठकों के जरिए समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने संकेत दिया है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।रोजगार के साथ प्रभावित ग्रामीणों ने अपने गांवों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि प्रभावित भू-विस्थापित गांवों में बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के समय पुनर्वास और रोजगार के साथ बेहतर सुविधाओं का भरोसा दिया गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी कई समस्याएं बनी हुई हैं प्रभावित परिवारों की प्रमुख मांग है कि वर्ष 2010 में की गई घोषणा के अनुरूप पात्र प्रभावित परिवारों के एक-एक सदस्य को नियमित पद पर नियुक्त किया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि केवल संविदा रोजगार या नए आश्वासन से अब बात नहीं बनेगी। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मांग पर अब निर्णायक कार्रवाई जरूरी है। जब तक नियमित नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।
जमीन के बदले 15 साल बाद भी नौकरी नहीं, भड़के प्रभावित ग्रामीणों ने राखड़ डैम कराया बंद, दिया धरना
Previous Articleबदहाल सड़क और क्षतिग्रस्त पुल को लेकर JCP का चक्काजाम, ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
Next Article कोरबा छत्तीसगढ़
Related Posts
Contact Us
Santosh Kumar Singh Editor
Mobile : 9589496907
Email : divyanews18@gmail.com
Address : MIG-I-101, M.P. Nagar, Korba, Chhattisgarh
Disclaimer
पोर्टल पर समाचार भेजने हेतु अवैतनिक और स्वैच्छिक सेवा प्रदा करने वाले संवादाता हमारे न्यूज़ पोर्टल के मेरुदंड है। पोर्टल पर प्रकाशित समाचारों, विचारों तथा आलेखों से संपादक मंडल का सहमत होना जरुरी नहीं है। प्रकाशित तमाम तथ्थों की पूरी जिम्मेदारी संवाददाता एवं लेखकों तथा विश्लेषकों की होगी।
© 2026DIVYA NEWS 18. Designed by Nimble Technology.

