बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं और महापुरुषों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद शुक्रवार देर रात तनावपूर्ण स्थिति बन गई। विवेकानंद हास्टल में दो छात्र गुटों के बीच विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार छात्रों को निष्कासित कर जांच समिति गठित की है, जबकि पुलिस भी संवेदनशील धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।
एक बार फिर विवादों में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में है। इस बार विधि संकाय से जुड़े छात्रों के एक वाट्सएप ग्रुप में भगवान राम, परशुराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया। देर रात विवेकानंद हास्टल के सामने दो गुट आमने-सामने आ गए और विवाद मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें अफरा-तफरी और छात्रों के बीच झड़प दिखाई दे रही है। सूचना पर चीफ वार्डन, सुरक्षा कर्मी और विश्वविद्यालय अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात नियंत्रित किए।
चार छात्रों के हास्टल प्रवेश पर प्रतिबंध
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए चार छात्रों के हास्टल प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है तथा उन्हें निष्कासित कर दिया है। प्रबंधन ने दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश के साथ जांच समिति बनाई है। घटना के बाद एबीवीपी और हिंदी संघ ने विरोध दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन अब कैंपस में शांति और विश्वास बहाली की कोशिशों में जुटा है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार चारों छात्र चतुर्थ सेमेस्टर के बताए जा रहे हैं। विवाद की जड़ सोशल मीडिया और वाट्सएप चैट में की गई कथित अभद्र टिप्पणियां रहीं। छात्रों ने इसे धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध दर्ज कराया। मामूली बहस से शुरू हुआ मामला देर रात हिंसक झड़प में बदल गया। वायरल चैट और वीडियो के आधार पर प्रशासन और पुलिस दोनों स्तर पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
विवि प्रशासन ने दिखाई सख्ती
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए चार छात्रों को हास्टल से निष्कासित कर दिया। जांच समिति गठित कर दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों पर जीरो टालरेंस रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है और हास्टल गतिविधियों पर अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी गई है।
पुलिस भी बरत रही संवेदनशीलता
मामले के सामाजिक और धार्मिक पहलुओं को देखते हुए पुलिस बेहद सतर्क है। कोनी थाना स्तर पर शिकायत के बाद संवेदनशील धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस प्रशासन पहले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने के पक्ष में है। अधिकारियों का फोकस कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह तनाव फैलने से रोकने पर है।वाट्सएप चैट में परशुराम, भगवान राम व अंबेडकर पर टिप्पणी के बाद रात में छात्रों के बीच मारपीट हुई। चार छात्रों को हास्टल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के साथ उन्हें निष्कासित कर दिया गया है। जांच समिति गठित कर दो दिन में रिपोर्ट देने कहा है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्रों के खिलाफ कोनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई

