शासन व्यवस्था में अब ”आधी आबादी” का दबदबा साफ़ नज़र आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के ताज़ा प्रशासनिक फेरबदल के साथ ही राज्य के कुल 33 में से 12 जिलों की बागडोर अब महिला आइएएस अधिकारियों के हाथों में है। राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब एक-तिहाई से अधिक जिलों में कलेक्टरों की कुर्सी पर महिला अफ़सर विराजमान हैं।
कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों की जिम्मेदारी
यह बदलाव केवल कागज़ों या आंकड़ों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने महिला अधिकारियों को केवल सुगम या शहरी इलाकों तक सीमित रखने के बजाय, कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों की जिम्मेदारी भी सौंपी है। बस्तर और सरगुजा संभाग के माओवादी हिंसा प्रभावित और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जिलों की कमान अब यही अफसर संभाल रही हैं।
छत्तीसगढ़ में महिला IAS अफसरों का पहली बार बढ़ा दबदबा, 33 में 12 जिलों की कमान महिलाओं को
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक नेतृत्व की तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के फेरबदल के बाद 33 में 12 जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों…और पढ़ें
छत्तीसगढ़ में महिला IAS अफसरों का पहली बार बढ़ा दबदबा। (सोशल मीडिया)HighLights
- 33 में 12 जिलों की कमान महिला आईएएस अफसरों को मिली।
- राज्य गठन के बाद पहली बार बना ऐसा रिकॉर्ड।
- बस्तर-सरगुजा के चुनौतीपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी भी महिलाओं को मिली।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: शासन व्यवस्था में अब ”आधी आबादी” का दबदबा साफ़ नज़र आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के ताज़ा प्रशासनिक फेरबदल के साथ ही राज्य के कुल 33 में से 12 जिलों की बागडोर अब महिला आइएएस अधिकारियों के हाथों में है। राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब एक-तिहाई से अधिक जिलों में कलेक्टरों की कुर्सी पर महिला अफ़सर विराजमान हैं।
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कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों की जिम्मेदारी
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इन 12 जिलों में महिला अफसरों का परचम
- कोंडागांव: नूपुर राशि पन्ना
- बेमेतरा: प्रतिष्ठा ममगाईं
- नारायणपुर: नम्रता जैन
- सूरजपुर: रेना जमील
- बालोद: दिव्या मिश्रा
- सक्ती: जयश्री जैन
- कबीरधाम: तुलिका प्रजापति
- सारंगढ़-बिलाईगढ़: पद्मिनी भोई
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: तनूजा सलाम
- बलरामपुर-रामानुजगंज: चंदन त्रिपाठी
- मनेंद्रगढ़-चिर्मिरी-भरतपुर: संतन देवी जांगड़े
- कोरिया: रोक्तिमा यादव
महतारी गौरव वर्ष” मना रही सरकार
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा मंच बताया। उन्होंने कहा कि जब राज्य की बेटियां महिलाओं को इतने शीर्ष प्रशासनिक पदों पर पूरी निष्ठा से काम करते देखेंगी, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित होंगी।
- बता दें कि छत्तीसगढ़ कैडर में महिला आइएएस अधिकारियों की कुल संख्या लगभग 25 प्रतिशत है, लेकिन ज़िलों की कप्तानी (फील्ड पोस्टिंग) में उनकी हिस्सेदारी 36 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। ”महतारी गौरव वर्ष” के दौरान हुआ यह फेरबदल यह साफ संदेश देता है कि राज्य में अब शासन की अग्रिम पंक्ति की कमान पूरी मजबूती से महिला नेतृत्व के हाथ में है। Divya news 18 santosh singh ma sociology

