दिव्या न्यूज़ :-छत्तीसगढ़ सरकार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और सफाई कर्मियों की मौतों पर सख्त रुख अपनाया हैदिव्या न्यूज़ :-।रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और सफाई कर्मियों की मौतों पर सख्त रुख अपनाया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगरपालिका परिषदों और नगर पंचायतों को निर्देश जारी कर कहा है कि बिना सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और मशीनों के किसी सफाईकर्मी को सीवर या सेप्टिक टैंक में नहीं उतारा जाएगा। निर्देशों का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी और दुर्घटना की स्थिति में उनकी व्यक्तिगत जवाबदेही तय होगी।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि असुरक्षित सफाई व्यवस्था, बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में प्रवेश और सफाई कर्मियों की मौत तथा गंभीर चोटों की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। इसे देखते हुए राज्य के सभी नगरीय निकायों को सफाईकर्मियों की सुरक्षा, पंजीयन, प्रशिक्षण, मशीनीकरण और दुर्घटना रोकथाम के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के तहत प्रत्येक नगरीय निकाय को सीवर, सेप्टिक टैंक और भूमिगत जल निकासी व्यवस्था से जुड़े सभी सफाईकर्मियों का सर्वे कर उनका डिजिटल डेटाबेस तैयार करना होगा। इसमें स्थायी, संविदा और अनौपचारिक रूप से काम करने वाले श्रमिक भी शामिल होंगे। साथ ही अपंजीकृत और दस्तावेज विहीन व्यक्तियों को ऐसे जोखिमपूर्ण कार्यों में लगाने पर रोक लगाई गई है।
हाथ से मैला उठाने की प्रथा खत्म करने पर जोर हादसे पर अफसरों की व्यक्तिगत जवाबदेही शिकायतों के लिए 1100 हेल्पलाइन और नोडल अधिकारी
असुरक्षित सफाई और हाथ से मैला उठाने की शिकायतों के लिए निदान पोर्टल और राज्य हेल्पलाइन नंबर 1100 का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक नगरीय निकाय में एक ‘सफाई सुरक्षा नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा, जो शिकायतों की निगरानी और समाधान के लिए जिम्मेदार होगा। पीपीई किट और बीमा अनिवार्य
सरकार ने नमस्ते योजना के तहत सभी पात्र सफाईकर्मियों का पंजीयन कराने, उन्हें हेलमेट, दस्ताने, गमबूट, सुरक्षा हार्नेस, मास्क और सुरक्षा सूट सहित पीपीई किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य कवरेज, समूह दुर्घटना बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने को भी अनिवार्य बनाया गया है। पीपीई किट का उपयोग नहीं करना सुरक्षा उल्लंघन माना जाएगा। बिना प्रशिक्षण किसी को नहीं मिलेगा काम
नए निर्देशों के तहत सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए केवल प्रशिक्षित, पंजीकृत और प्रमाणित कर्मियों को ही नियुक्त किया जा सकेगा। किसी भी जोखिमपूर्ण या संकरे स्थान में सफाई कार्य के लिए संबंधित नगरीय निकाय की पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होगी। यदि कोई ठेकेदार या निजी एजेंसी अप्रशिक्षित या असुरक्षित श्रमिकों को ऐसे कार्यों में लगाती पाई जाती है तो उसके अनुबंध तत्काल समाप्त किए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हर जिले में बनेगी इमरजेंसी सैनिटेशन यूनिट
आदेश के अनुसार प्रत्येक जिला मुख्यालय में ‘इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट’ स्थापित की जाएगी। यह इकाई जेटिंग मशीन, सक्शन मशीन और अन्य आधुनिक उपकरणों से लैस होगी तथा सीवर दुर्घटनाओं, विषैली गैस के रिसाव और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करेगी। सरकार ने सभी नगरीय निकायों को मशीनीकृत सफाई को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।

