दिव्य न्यूज़ 18:-पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नाराज़गी और ग़ुस्सा साफ़ दिख रहा है.
उनमें से कई लोग खुलकर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर कर रहे हैं.
कुछ लोग शिकायत कर रहे हैं कि अभिषेक बनर्जी ने पार्टी को ‘ख़त्म’ कर दिया जबकि कुछ लोग सोशल मीडिया पर उनके ‘घमंडी व्यवहार’ के बारे में लिख रहे हैं, उसी तरह कई लोग उस कंसल्टेंसी फ़र्म आई पैक से भी नाराज़ हैं, जिसे उनकी पहल पर नियुक्त किया गया था. ये फ़र्म टीएमसी का चुनावी प्रबंधन करती है.
एक नेता ने बीबीसी से बात करते हुए आई पैक कर्मचारियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया. हालांकि बीबीसी ने इस संबंध में आई पैक का पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन अब तक हमें उनकी तरफ़ से कोई जवाब नहीं मिला है.
कई हारे हुए उम्मीदवारों और उन कलाकारों ने भी राजनीति से दूरी बनाने का एलान किया है, जिन्हें टिकट नहीं मिला और जो फ़िल्म या खेल जगत से टीएमसी में आए थे.
कई नेताओं और मंत्रियों ने स्थानीय मीडिया में ये आरोप भी लगाए कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के क़रीबी लोग ज़िला और स्थानीय स्तर के नेताओं से नियमित रूप से पैसे की मांग करते थे.
चुनाव नतीजे आने के बाद जिस तरह पार्टी के नेता और कार्यकर्ता खुलकर सामने आए हैं, उसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी उन बयानों से सहमत नहीं है. साथ ही चार नेताओं और प्रवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया है.