दिव्य न्यूज़ 18:- आईटीआई रामपुर का भवन 65 साल पुराना है| 15 साल से अधिक समय से मेन्टनेंस की मांग हो रही है| भवन की हालत यह है की बारिश होने पर वर्कशॉप में पानी भर जाता है| इससे पढ़ाई के साथ प्रेक्टिकल भी प्रभावित होता है| केंद्र सरकार से भवन की मेंटेनेंस के लिए डेढ़ साल पहले ढाई करोड रुपए मंजूर हुए थे | निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी ने फरवरी 2026 में काम शुरू कराया | निर्माण की समय सीमा 10 माह तय की गई | यहां चल रहे काम की गति को देखकर नहीं लगता कि समय पर काम पूरा होगा| पीडब्ल्यूडी की ओर से मंगलवार की सुबह आईटीआई भवन में जिस ठेकेदार से काम लिया जा रहा है उसकी ओर से पर्याप्त संख्या में मजदूर भी नहीं लगाए गए | मंगलवार को 4 से 5 मजदूर काम करते नजर आए | इस भवन में पुराने पाइप का ही हो रहा है इस्तेमाल | भवन की छत को तोड़कर टीन सैड लगाने के लिए भवन में लगे 65 साल पुराने पाइप उपयोग किया जा रहे हैं| जबकि इसे बदलकर नया पाइप और एंगल लगाया जाना है| बाहरी व आंतरिक बिजली वायरिंग सहित लाइट बदलना है| भवन की दीवारों की मरम्मत बाल पुट्टी के साथ रंगाई पुताई की जानी है | सभी खिड़की दरवाजे बदले जाने हैं | टॉयलेट वॉशरूम को पीने के पानी की व्यवस्था करनी है छत से पानी निकासी के लिए पाइप बीछानी है | परीक्षा की वजह से काम की गति धीमी है | परीक्षा खत्म होते ही काम की गति में तेजी आ जाएगी ऐसी संभावना है | जी आर जांगड़े कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी कोरबा |




