


दिव्य न्यूज़ 18:-2012 में देश को झकझोर देने वाले सुकमा कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण कांड का 14 साल बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस कांड को अंजाम देने वाले नक्सली नेता तथा केरलापाल एरिया कमेटी के तत्कालीन सचिव हेमला भीमा उर्फ आकाश ने पूरे घटनाक्रम की अंदरूनी कहानी उजागर करते हुए दावा किया है कि कलेक्टर से प्रताड़ित सरकारी कर्मियों की शिकायत पर ही उन्हें सबक सिखाने के लिए उनका अपहरण किया था।
25 लड़ाकों ने दिया था अंजाम
इस वारदात को नक्सलियों की स्थानीय एरिया कमेटी के 25 लड़ाकों ने ही अंजाम दिया दिया था। बाद में हिड़मा,सोनू और बसवाराजू की इस मामले हुई इंट्री ने इसे और हाई प्रोफाइल बना दिया था आकाश का दावा है कि उक्त दिवस पर कलेक्टर के यदि एसपी भी होते तो शायद उनकी साजिश सफल नहीं हो पाती। 21 अप्रैल 2012 को सुकमा जिले के केरलपाल के मांझीपारा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर से नक्सलियों ने दिन दहाड़े कलेक्टर का अपहरण कर लिया।

दो पीएसओ हो गए थे शहीद
इस दौरान कलेक्टर के साथ दो पीएसओ थे जो कि कलेक्टर को बचाने के दौरान वे शहीद हो गए थे। इस घटना ने छग ही नहीं, पूरे देश में नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। आकाश ने कहा कि कलेक्टर का अपहरण उनकी हत्या के लिए नहीं बल्कि उन्हें सिर्फ सबक सिखाने के लिए किया गया था।
कलेक्टर के पूरे कार्यक्रम की थी जानकारी
आकाश के मुताबिक, कलेक्टर के कार्यक्रम की पूरी जानकारी पहले से नक्सलियों के पास थी। सरकारी कर्मचारियों की शिकायतों और स्थानीय असंतोष को आधार बनाकर संगठन ने रणनीति तैयार की। उसने दावा किया कि कार्यक्रम स्थल से कुछ किमी पूर्व तक एसपी भी कलेक्टर के साथ थे लेकिन कुछ आवश्यक कार्य के कारण वे नीलावाया से सीधे सुकमा की ओर निकल गए। उनकी सुरक्षा में शामिल 15 जवान भी वापस सुकमा लौट गए।

