रसोई गैस की किल्लत, गैस एजेंसी के बाहर लग रही है लंबी कतारे :

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दिव्य न्यूज़ 18:-कोरबा दीपका भारत गैस गेवरा प्रोजेक्ट कंज्यूमर्स को-आपरेटिव स्टोर्स लिमिटेड के चक्कर काटते-काटते उपभोक्ताओं परेशान हैं लेकिन उन्हें गैस सिलेंडर काफी परेशानियों के बाद नसीब हो पा रहा है स्थिति यह है कि एसईसीएल (SECL) कर्मचारियों सहित आम उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है जो कभी भी एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकता है ।उपभोक्ताओं का आरोप है कि सप्ताह में एक या दो बार ही गैस की गाड़ी आती है लेकिन उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है कई महीनों से बुकिंग के बावजूद डिलीवरी न मिलना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गैस की अनुपलब्धता का सीधा असर चूल्हे-चौके पर पड़ा है घर का खाना समय पर नहीं बन पा रहा है जिससे कामकाजी कर्मचारियों और बच्चों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें घर में अपनी ‘गृह-लक्ष्मी’ की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है जिससे पारिवारिक तनाव भी बढ़ रहा है उपभोक्ताओं का कहना है कि जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है कोयलांचल की जनता पूछ रही है कि यदि गैस की कमी नहीं है तो महीनों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है।की जनता और कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर गैस वितरण व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो क्षेत्र में धरना, घेराव आंदोलन और उग्र प्रदर्शन किया जाएगा इसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित गैस एजेंसी और स्थानीय प्रशासन की होगी

वही कोरबा के एसईसीएल स्थित पवन गैस एजेंसी मैं भी पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं की भारी भीड़ लग रही है। सुबह गैस एजेंसी खुलने से पहले लोग सिलेंडर लेकर खड़े हुए नजर आए बताया जाने की पिछले एक सप्ताह से बुकिंग किया हुआ गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के घर तक नहीं पहुंचा जा रहा था जिससे लोग खुद खाली गैस लेकर एजेंसी भरवाने आ रहे थे और लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही थी गैस एजेंसी से लेकर सड़क तक उपभोक्ता लाइन लगाकर खड़े हुए नजर आए। शनिवार के दिन से ही होम डिलीवरी शुरू की गई जहां लोगों को थोड़ा बहुत राहत जरूर मिली। गैस एजेंसी के संचालन करने वाले कर्मचारी से फोन हमने संपर्क करना चाह लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ |

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