दिव्य न्यूज़ 18:-उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पिछले करीब पखवाड़े से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। अप्रैल की शुरुआत में ही तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंचने से दिन में गर्मी और रात में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।दिन के समय लोग किसी तरह गुजारा कर लेते हैं, लेकिन रात में बिजली न होने के कारण स्थिति बेहद खराब हो जाती है। पंखे और कूलर बंद रहने से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोग मजबूर होकर छतों या घरों के बाहर सोने निकल रहे हैं।
-बार बिजली आने-जाने से इनवर्टर भी जवाब दे रहे
हालांकि, बाहर भी राहत नहीं मिल रही। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने लोगों की नींद छीन ली है। बार-बार बिजली आने-जाने से इनवर्टर भी जवाब दे रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है।
चार सब-स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है
शहर के 31 वार्डों की करीब डेढ़ लाख आबादी को तुलसी नगर, पीलीकोठी, चिल्ला रोड और भूरागढ़ स्थित 33/11 के चार सब-स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है। लेकिन मौजूदा समय में यह व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। रात में तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच रहने से बिना कूलर या पंखे के रहना मुश्किल हो गया है।
-बार बिजली आने-जाने से इनवर्टर भी जवाब दे रहे
हालांकि, बाहर भी राहत नहीं मिल रही। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने लोगों की नींद छीन ली है। बार-बार बिजली आने-जाने से इनवर्टर भी जवाब दे रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है।
चार सब-स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है
शहर के 31 वार्डों की करीब डेढ़ लाख आबादी को तुलसी नगर, पीलीकोठी, चिल्ला रोड और भूरागढ़ स्थित 33/11 के चार सब-स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है। लेकिन मौजूदा समय में यह व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। रात में तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच रहने से बिना कूलर या पंखे के रहना मुश्किल हो गया है।

