दिव्या न्यूज़ 18 :- छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है| क्योंकि यहां पर बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है| सबसे खास बात तो यह है कि यहां पर धान की एक नहीं बल्कि सैकड़ो किस्मे उगाई जाती है| इनकी डिमांड देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी खूब होती है| इन्हीं में से एक ऐसी भी धान की किस्म है | जिसे GI टैग भी मिल चुका है| आइये इस किस्म के बारे में जानते हैं| कि इसकी पैदावार सबसे ज्यादा कहां होती है|
छत्तीसगढ़ का सबसे महंगा चावल:- दर असल हम बात कर रहे हैं जीरा फुल किस्म की, जिसकी छत्तीसगढ़ के सरगुजा इलाके में सबसे ज्यादा खेती की जाती है| बताया जाता है कि इसे खाने से स्वाद में चार चांद लग जाते हैं| इसकी महक से लोग दीवाने हो जाते हैं| इस चावल को 14 मार्च 2019 में GIटैग भी मिल चुका है| यह चावल छत्तीसगढ़ का सबसे महंगा चावल माना गया है| आपको बता दें कि इस चावल की खुशबू और मिठास काफी अच्छी होती है| इसके अलावा इसका स्वाद भी लाजवाब होता है| वहीं इसकी खासियत के बारे में बताया गया है कि अगर किसी के भी घर में जीरा फुल चावल बनाया जाता है तो पूरे मोहल्ले में इसकी खुशबू पहुंच जाती है|
वही जीरा फुल चावल स्वास्थ्य के लिए भी काफी सेहत मंद माना जाता है | अन्य किसी की तुलना में जल्दी और आसानी से पच जाता है | इसीलिए जीरा फुल चावल की डिमांड देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक डिमांड रहती है | अगर कोई किसान जीरा फुल चावल की खेती करना चाहता है तों लगभग 120 दिन या 130 दिनों में तैयार हो जाती है| इसके अलावा धान की खेती के लिए पानी भी काफी मात्रा में लगता है| इसी वजह से इस किस्म को गहरे खेतों में लगाया जाता है| ताकि पानी अधिक स्टोर हो सके| इसकी खेती ऑर्गेनिक तरीके से की जाती है|
वही जीरा फुल धान की खेती में रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया जाता है| कहा जाता है कि इस चावल को उगाने में अगर रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल करेंगे तो इसकी सुगंध और स्वाद दोनों ही बदल जाता है| इसीलिए इसकी खेती में जैविक खाद का ही प्रयोग किया जाता है|
मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में जीरा फूल धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है | इसीलिए इस किस्म के चावल की मार्केट में सबसे ज्यादा कीमत भी मानी जाती है| वहीं अगर पूरे जीरा फुल चावल बाजार में 100 से ₹120 प्रति किलो के हिसाब से बिकता है|




