दिव्या न्यूज़ 18 ;-. 22000 से अधिक बैगा -गुनिया परिवार होंगे लाभान्वित |. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, के अंतर्गत हितग्राहियों को मिलेगी धनराशि, बलोदा बाजार में 25 मार्च को होगा भव्य कार्यक्रम रायपुर:- छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शिल्पकार भूमिहीन कृषि मजदूर अब आर्थिक सुरक्षा के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं| मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय के नेतृत्व में राज्य सरकार की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, न केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम है | बल्कि यह समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन देने का एक महायज्ञ भी है | भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में इस साल 4लाख 95हजार 965 भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में सीधे ₹10000 की धनराशि प्रत्येक हितग्राही के मान से अंतरित की जाएगी | इसके लिए राज्य सरकार की ओर से495करोड़ 96लाख 50हजार रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है| इस सूची में 22028 बैगा गुनिया परिवार शामिल है| और जो कि राज्य के सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक है | राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से रिकॉर्ड सहायता प्रदान की थी|दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि ‘अंत्योदय’ की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ उन ग्रामीण परिवारों के लिए एक वरदान है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत मजदूरी है।दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि ‘अंत्योदय’ की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ उन ग्रामीण परिवारों के लिए एक वरदान है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत मजदूरी है।




