दिव्या न्यूज़ 18 :- अंबिकापुर के घड़ी चौक के समीप उसे गिरफ्तार किया गया| जब उसने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लिपिक अखिलेश सोनी से एक लाख की रिश्वत ली | अब जानकारी विस्तार से दरिमा तहसील कार्यालय में पदस्थ लिपिक अनिल गुप्ता उगाही में लिप्त था | लेकिन इस बार उसका दाव उल्टा पड़ गया| एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक लाख रुपए की उगाही करते उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया | गिरफ्तारी के बाद उसके केदारपुर स्थित घर में भी छापेमारी की गई| यहां नकदी पांच लाख तीस हजार तथा जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले| आरोपी लिपिक शनिवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया| आरोपित लिपिक अनिल गुप्ता मूल रूप से गरिमा तहसील कार्यालय में सहायक ग्रेड 2 के पद पर पदस्थ था | आरोपित अनिल गुप्ता द्वारा जशपुर जिले के अधिकारी से भी दो लाख की उगाही का आरोप है| उसने इस तथ्य की स्वीकार शिकायतकर्ता लिपिक अखिलेश सोनी के समक्ष भी की थी | उसका कहना था कि जशपुर जिले के अधिकारी के विरुद्ध भी एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज है उसके प्रकरण को वह दो लाख में सेटिंग करवा चुका है|
एक लाख की उगाही करते पकड़ा गया लिपिक अनिल गुप्ता यह धौंस देता था| कि उसका भतीजा एंटी करप्शन ब्यूरो में पदस्थ है | इस कारण एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों के साथ उसकी अच्छी पहचान है| वह हर शिकायत को समाप्त करवा सकता है| जबकि सच्चाई यह है कि अंबिकापुर एंटी करप्शन ब्यूरो में उसका कोई भी रिश्तेदार नहीं है| वह सिर्फ अपनी पहुंच का धौंस देता था | एक लाख की उगाही करते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ | कोई रिश्तेदार काम नहीं करता है एंटी करप्शन ब्यूरो में | तलाशी में घर से मिले नगदी और जमीन के भी दस्तावेज |

