दिव्य न्यूज़ 18:-जमीन संबंधी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
राजस्व विभाग के इस नवाचार से जमीन संबंधी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर सीधी लगाम लगेगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकार तकनीक के माध्यम से शासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्व सेवाओं का डिजिटलीकरण होने से न केवल आम आदमी के समय और श्रम की बचत होगी, बल्कि यह पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इन गांवों का डाटा हुआ डिजिटल
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 20,286 गांवों के खसरा और 19,694 गांवों के नक्शों का कंप्यूटरीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। ”प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना” के तहत 18,959 गांवों के नक्शों की ”जियोरेफरेंसिंग” कर उन्हें अत्याधुनिक बनाया गया है।इसके अलावा, राज्य के सभी 105 उप पंजीयक कार्यालयों को तहसील कार्यालयों के साथ ऑनलाइन जोड़कर एक एकीकृत नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे कार्य की गति और सटीकता में कई गुना वृद्धि हुई है।
प्रमुख डिजिटल सुविधाएं स्वतः नामांतरण
उप पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी।
बैंक लिंकेज: कृषि ऋण के लिए बैंक में गिरवी रखी गई भूमि की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी, जिससे खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बनी रहेगी।
मोबाइल एप: गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध ऐप के माध्यम से स्मार्टफोन पर ही जमीन के रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं।
बैंक लिंकेज: कृषि ऋण के लिए बैंक में गिरवी रखी गई भूमि की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी, जिससे खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बनी रहेगी।
मोबाइल एप: गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध ऐप के माध्यम से स्मार्टफोन पर ही जमीन के रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं।
मॉडर्न रिकॉर्ड रूम: राज्य की 252 तहसीलों में से 172 में मॉडर्न रिकॉर्ड रूम स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 155 का कार्य पूर्ण हो चुका है।
असर्वेक्षित गांवों का भी होगा उद्धार
सरकार असर्वेक्षित ग्रामों के सर्वेक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। राज्य के 1,089 गांवों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें से 1,018 के नक्शे तैयार कर लिए गए हैं। 233 गांवों का डेटा ”भुईयां” एवं ”भू-नक्शा” साफ्टवेयर पर अपलोड भी किया जा चुका है।
अब नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि ”डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम” के माध्यम से विभाग अपनी कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन कर रहा है। अब नागरिकों को खसरा-बी-1 या नामांतरण जैसे कार्यों के लिए सरकारी दफ्तारों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। नागरिक अब घर बैठे डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त खसरा और बी-1 की प्रति निश्शुल्क डाउनलोड कर सकतेहै |