दिव्य न्यूज़ 18:-माध्यमिक शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों को राहत देते हुए विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य रूप से लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत सभी स्कूलों में अब केवल एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। विभाग ने इस आदेश के पालन को सुनिश्चित कराने के लिए सख्ती भी बढ़ा दी है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल के अनुसार, किताबों की उपलब्धता पहले से बाजार में सुनिश्चित कर दी गई है और सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों में इन्हीं पुस्तकों से पढ़ाई कराएं। यदि किसी विद्यालय में एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिलती हैं, या प्राइवेट बुक्स लगी हुई हैं तो उसके खिलाफ निरीक्षण के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इस व्यवस्था की निगरानी के लिए दो चरणों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। पहला निरीक्षण 1 से 10 अप्रैल तक और दूसरा 1 से 15 जुलाई तक किया जाएगा, जिसमें अलग-अलग टीमें विद्यालयों का निरीक्षण करेंगी।
अभिभावकों और छात्रों की सुविधा के लिए 4 अप्रैल को राजकीय इंटर कॉलेज, शाहगंज में सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक पुस्तक विक्रय शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी किताबें निर्धारित दरों पर उपलब्ध रहेंगी।
विभाग ने तीन अधिकृत प्रकाशकों के माध्यम से पुस्तकों का प्रकाशन कराया है, जिससे किताबों की कीमतें नियंत्रित रखी जा सकें। कक्षा 9 और 12 की विभिन्न विषयों की किताबें कम कीमत पर उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस फैसले से एकरूपता आएगी, छात्रों को सही और मानक पाठ्य सामग्री मिलेगी और अभिभावकों को महंगी निजी प्रकाशकों की किताबों से राहत मिलेगी।




