दिव्य न्यूज़ 18:-मुंगेली में सेवानिवृत्त लेखापाल की गुमशुदगी हत्याकांड में बदल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि संपत्ति हड़पने के लिए सगे भाई समेत परिजनों ने सुपारी देकर हत्या करवाई। मामले में 11 आरोपी गिरफ्तार और 4 नाबालिग पकड़े गए हैं।मुंगेली जिले में एक सेवानिवृत्त लेखापाल की गुमशुदगी अब सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि संपत्ति हड़पने के लिए उनके सगे भाई और रिश्तेदारों ने सुपारी देकर हत्या करवाई। इस मामले में कुल ग्यारह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और साथ ही चार नाबालिग भी पकड़े गए हैं।22मार्च 2026 को बलबीर सिंह ने अपने 62 वर्षीय भाई दामोदर राजपूत के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। दामोदर की मोटरसाइकिल मनोहरपुर राइस मिल के पास लावारिस मिली थी। पुलिस ने सीसीटीवी और साइबर सेल की मदद ली। एक संदिग्ध हुंडई ईऑन कार की पहचान की गई। कार किराए पर लेने वाले संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश मृतक के छोटे भाई रणजीत राजपूत ने रची थी। इसमें चचेरा भाई और अन्य परिजन भी शामिल थे। संपत्ति के लालच में 10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी दी गई थी। पारिवारिक विवाद का फायदा उठाकर आरोपियों ने फर्जी नोटरी दस्तावेज भी तैयार किए थे।21 मार्च को दामोदर को पूजा के बहाने गांव बुलाया गया था। सुनसान रास्ते में गाड़ी रोककर गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। शव को कार में ले जाकर कवर्धा जिले के जंगल में दफन कर दिया गया। मोबाइल फोन को प्रयागराज में गंगा नदी में फेंक दिया गया। इससे मामले को भटकाने की कोशिश की गई।
पुलिस कार्रवाई और पहचान
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद किया। परिजनों ने कपड़ों और अन्य वस्तुओं से मृतक की पहचान की। शव परीक्षण की कार्रवाई पूरी हो गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मृतक के भाई, भतीजे, भांजे और सुपारी किलर शामिल हैं।




