दिव्य न्यूज़ 18:- कोरबा गणित विषय की परीक्षा के दौरान भी प्रिंसिपल का दोबारा परीक्षा कक्षा में घूमते हुए पाया गया| उसी दिन उनकी बहू भी 12वीं की परीक्षा में शामिल थी| जिसके कारण परीक्षा के दौरान उनकी उपस्थिति को संदिग्ध माना गया| रिपोर्टर विनय कुमार ने बताया कि उड़न दस्ता टीम और केंद्र अध्यक्ष ने प्रिंसिपल को कई बार समझाया लेकिन उसके बावजूद उन्होंने परीक्षा के दौरान बाधा डाली | अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवहार सरकारी काम के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता को दर्शाता है| जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है | जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है| इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है | और स्थानीय लोगों द्वारा इस मामले पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं| उड़न दस्ता टीम ने उन्हें समझाया यह रिपोर्ट शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरिया के प्रिंसिपल ललित कुमार चंद्रा के खिलाफ तैयार की गई है इसे देते हुए परीक्षा अवधि में विद्यालय में उपस्थित न रहने की हिदायत दी थी | प्रिंसिपल ललित कुमार चंद्रा को उड़न दस्ता टीम ने 27 फरवरी 2026 और 2 मार्च 2026 को परीक्षा केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया था| निरीक्षण के दौरान 27 फरवरी को कक्षा 12वीं की जीव विज्ञान परीक्षा के समय प्रिंसिपल ललित कुमार चंद्रा को परीक्षा कक्षा में घूमते हुए देखा गया| जबकि उस दिन उनकी ड्यूटी परीक्षा कार्य में नहीं लगी थी| उड़न दस्ता टीम ने उन्हें समझाइश देते हुए परीक्षा अवधि में विद्यालय में उपस्थित न रहने की हिदायत दी | क्योंकि उनकी बहू भी कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल थी| जिसके कारण परीक्षा के दौरान उनकी उपस्थिति को संदिग्ध माना गया | रिपोर्ट में बताया गया है कि उड़न दस्ता टीम और केंद्र अध्यक्ष ने प्रिंसिपल को कई बार समझाया| लेकिन इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा के दौरान बाधा डाली | यह व्यवहार सरकारी काम के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता को दर्शाता है| जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है| | जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है | इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है | और लोगों ने कई सवाल उठाए हैं|




