दिव्या न्यूज़ 18 :- सूत्रों के अनुसार रायपुर में सफल क्रियान्वयन के बाद इस योजना को चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा| शहरी क्षेत्र में इस तरह की मशीन आधारित व्यवस्था को लागू करना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है| ग्रैंन एटीएम 24 घंटे चालू रह सकता है| जिससे मजदूर और दैनिक वेतन भोगी वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी| वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे जिससे कामकाजी लोगों को परेशानी कम होगी|
कैसे काम करेगी यह मशीन:- यह मशीन हूबहू बैंक एटीएम की तरह काम करती है| बस इसमें कैश की जगह अनाज निकलता है| इसकी प्रक्रिया बेहद सरल रहेगी| लाभार्थी को अपना राशन कार्ड नंबर डालना होगा या आधारित बायोमेट्रिक अंगूठा लगाना होगा| स्क्रीन पर अनाज की मात्रा प्रदर्शित होगी| और मशीन से निर्धारित मात्रा में चावल या गेहूं सीधे थैली में गिर जाएगा| इस पूरी प्रक्रिया में मात्र 30 से 45 सेकंड का समय लगेगा| इससे न केवल समय बचेगा बल्कि जीरो एरर तोल सुनिश्चित होगी|
ग्रैंड एटीएम योजना सिर्फ तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है| बल्कि यह आम जनता के लिए राशन वितरण में सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का एक नया विकल्प भी साबित हो सकती है| इससे न केवल भ्रष्टाचार और हेरा फेरी की संभावना कम होगी | बल्कि लाभार्थियों को तेज और भरोसेमंद सेवा भी मिलेगी| बस अब यह देखना बाकी है कि पायलट प्रोजेक्ट रायपुर में कितनी सफलता हासिल कर पाता है| और इसे पूरे प्रदेश में कब तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा|
छत्तीसगढ़ में अब राशन के लिए कोटेदार की दुकान पर घंटो लाइन लगाने और तोल में गड़बड़ी की शिकायतों का दौर खत्म होने वाला है|




