दिव्य न्यूज़ 18:- ऊर्जा धानी कोरबा की जीवन रेखा मानी जाने वाली हसदेव नदी अब प्रदूषण के काले साए से मुक्त होकर फिर से कल कल बहेगी | प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महात्मा कांछी अमृत मिशन 2.0 योजना ने कोरबा में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ दी है| छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से भारत सरकार ने शहर के दूषित जल के वैज्ञानिक उपचार हेतु 165 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है | कई सालों से शहर के 11 बड़े नालों का दूषित सीवरेज जल सीधे हसदेव नदी में मिलकर उसकी शुद्धता को प्रभावित करता था| इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए अमृत मिशन 2.0 के तहत 20 एमएलडी क्षमता के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को मिली मंजूरी| अब हसदेव नदी प्रदूषण मुक्त होगी | प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ 30 लाख लीटर दूषित जल को नदी में गिरने से पहले ही रोक कर अत्याधुनिक तकनीक से उपचारित किया जाएगा| इससे नदी के प्रदूषण में भारी कमी आएगी और उसका जल पुनः स्वच्छ बनेगा | इस परियोजना के पूर्ण होते ही कोरबा उन चुनिंदा 12 शहरो की सूची में शामिल हो जाएगा|, जहां जल शोधन की ऐसी उन्नत और वैज्ञानिक व्यवस्था उपलब्ध है | राजस्व में होगी वृद्धि, उपचारित किए गए करोड़ों लीटर पानी को बर्बाद करने की बजाय एनटीपीसी द्वारा निर्धारित दरों पर खरीदा जाएगा | इससे उद्योगों को स्वच्छ जल उपलब्ध होगा, नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी| इसके अलावा भू जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा | कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने इसे कोरबा जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताया | उनका कहना है कि जल पर्यावरण संरक्षण एवं औद्योगिक प्रगति की दिशा में बड़ा कदम है | उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानकों का पालन करते हुए नगर पालिक निगम पूर्वक द्वारा तैयार किए गए इस वैज्ञानिक समाधान को अब वास्तविक रूप मिलने जा रहा है| वर्तमान में निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है और जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा| अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत यह प्लाट न केवल हसदेव नदी को पुनर्जीवित करेगा बल्कि आने वाली पीढ़ीयों के लिए जल संरक्षण की नई मिसाल भी पेश करेगा| इसके माध्यम से कोरबा औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरणीय स्वच्छता के क्षेत्र में भी अग्रणी बनेगा|




